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efoveebkeÀ : 06/11/2019 7:38:57 PM

Meer<e&keÀ बीएसई का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत बढ़ा

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मुंबई, 6 नवंबर, 2019
30 सितंबर, 2019 को समाप्त तिमाही के अंत में बीएसई का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा पिछले तिमाही के 34.36 करोड़ रुपये से 14 प्रतिशत बढ़कर 39.22 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की कुल आय 142.35 करोड़ रुपये से 1 प्रतिशत बढ़कर 144.33 करोड़ रुपये हो गई। कर से पहले का मुनाफा 19 प्रतिशत घटकर 41.24 करोड़ रुपये से 33.41 करोड़ हो गया। कंपनी के कुल आय में परिचालन लाभ मार्जिन 36 प्रतिशत से घटकर 32 प्रतिशत हो गया है। नेट प्रोफिट मार्जिन पिछली तिमाही से 24 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गया।

बीएसई ने 680 रुपये की कीमत पर 4,460 करोड़ रुपये में टेन्डर ऑफर रुट के माध्यम से 2 रुपये मूल किमत के 67.65 लाख इक्विटी शेयर बाय बैक किये हैं।

बीएसई के वित्तीय तिमाही प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए बीएसई के सीईओ और प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने कहा कि बीएसई-इबिक्स इन्श्युरन्स ब्रोकिंग प्रा. लि. के प्रत्यक्ष बीमा संचालन के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा दी गई सैद्धांतिक मंजूरी बीएसई समूह की संपूर्ण वित्तीय सेवाओं और वितरण मंच को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। पिछली तिमाही में स्टार म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म ने अच्छा प्रदर्शन करके अपनी स्थिति मजबूत की थी। इन्श्युरन्स और म्यूचुअल फंड व्यापार के बीच समानताएं दोनों प्लेटफार्मों के व्यापार को गति प्रदान करेंगी। क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के बीच इंटर-ऑपरेबिलिटी का कार्यान्वयन पूंजी बाजार में एक बड़ा सुधार है और बीएसई आने वाले वर्षों में अपने इंटर-ऑपरेटेूबल प्लेटफॉर्म पर लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद कर रहा है।

सेगमेन्ट के अनुसार कामकाज की एक झलक

1. स्टार एमएफ प्लेफॉर्म: इस प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा है। 30 सितंबर, 2018 को पंजीकृत म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या में 30 सितंबर, 2018 की तुलना में 79 प्रतिशत की वृद्धि हुई, एक्स-एसआईपी की संख्या 27 प्रतिशत बढ़कर 10.42 लाख हो गई और संसाधित ऑर्डर्स का कुल मूल्य 38 प्रतिशत बढ़कर 1,03,865 करोड़ रुपये हो गया।

2. इन्श्युरन्स ब्रोकिंग: बीएसई ने बीएसई इबिक्स इंश्योरेंस ब्रोकिंग प्रा. लि. की स्थापना की है, जो कि इबिक्स के साथ एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें बीएसई अपनी सहायक कंपनी के माध्यम से 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।

3. क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के बीच इंटर- ऑपरेटिबिलिटी: इक्विटी सेगमेंट में 15 जुलाई, 2019 को, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में 29 जुलाई, 2019 को और करन्सी डेरिवेटिव सेगमेंट में 5 अगस्त, 2019 को इंटरऑपरेबिलिटी की शुरुआत की गई थी।

4. पॉवर एक्सचेंज: बीएसई पीटीसी इंडिया लि. और आईसीआईसीआई बैंक लि. के साथ मिलकर पॉवर इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमिशन (सीईआरसी) में 7 सितंबर, 2018 को एक नए पॉवर एक्सचेंज की स्थापना के लिए मंजूरी मांगी है।

5. कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेन्ट: बीएसई ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स मार्केट विकसित करने के लिए विभिन्न कमोडिटी एसोसिएशनों के साथ मिलकर काम किया है। इस सेगमेंट में कुल 272 सदस्य पंजीकृत किए गए हैं। सितंबर, 2019 में इस सेगमेंट में दैनिक औसत टर्नओवर 224 करोड़ रुपये है।

6. इन्टरनेशनल एक्सचेंज एन्ड इन्टरनेशनल क्लियरिंग कॉर्पोरेशन: बीएसई की सहायक कंपनी आईएनएक्स पर दैनिक टर्नओवर 231 प्रतिशत बढ़कर यूएस डालर 208.7 मिलियन हो गया, जो 31 सितंबर, 2018 से 63 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।


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